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नशा खोरी खुदाई और इन्सानी जुर्म
- Oct 29, 2021
- Editor: Arshad Kanir Khaquaan
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(प्रेस रिलीज़ मिस्सरवाला)
मनुष्य के स्वास्थ्य और जीवन के लिए अल्लाह ने अनगिनत नेमतें और चीजे़ं पैदा की हैं इसी तरह एैसी चीजें भी पैदा की हैं जो मनुष्य के जीवन के लिए विनाशकारी और नैतिक बर्बादी का कारण है इनकी भी पहचान कराई जिनमें नशा करने वाली चीजें जो मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए विष है और इन नशा आवर चीजा़ें में जो मनुष्य के लिए सबसे ज़्यादा जीवन घातक है वह शराब है जिसको अल्लाह ने उम्मुल्ख़बाइस यानी तमाम बुराइयों की जड़ क़रार दिया है। क्योंकि शराब के नशे में आदमी को बडे और छोटे और अच्छे बुरे का भी ख्याल नहीं रहता इसको प्रयोग करने के बाद इन्सान का दिमाग़ बिलकुल मफ्लूज और तामाम शरीर के अंग सुस्त पड जाते हैं और मनुष्य इस हद तक पहुंच जाता है और एैसी हरकतें इससे होने लगती हैं कि शैतान भी इससे तोबा मांगने लगता है इसका इज़हार आज मदरसा क़ादरिया मिस्सरवाला हिमाचल प्रदेश में मौलाना फारान ने कुरआन के हवाले से किया ए ईमान वालो शराब और जुए से बचो यह गन्दी चीजें है और शैतान का तरीक़ा है।
हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया है जो चीज़ नशा लाए वह हराम है। चाहे मात्रा में कम हो या अधिक आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया कि नशे की हालत में इन्सान का ईमान रुख़्सत हो जाता है इस हालत में अगर मृत्यू हो जाए तो इसका अंजाम बुरा होगा।
हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया कि नशा करने वाले के साथ अल्लाह का मामला मरने के बाद बडा कठोर होगा उन्हें नरक में रहने वालों का पीप और ख्ूान जो नरक में रहने वालों के ज़ख़्मों से बहता होगा इसे बतौरे सज़ा पिलाया जाएगा।
इस मौक़े पर मौलाना फारान ने कहा शराब, गुटखा,बीडी0,सिगरेट,अफीम,हीरोइन,चरस,कोकीन,गांजा,नशावर इंजेक्शन और इन जैसी दूसरी नशावर चीजो़ें के इस्तेमाल से जहाँ इन्सान अपने आपको माली, व शारीरिक और मानसिक रुप से कमज़ोर करता है वहीं इस से सैकडों बीमारियाँ पैदा होती हैं हृदय रोग,कैन्सर ,हलक की खराबी, लीवर की खराबी, शारीरिक और मानसिक रुप से कमज़ोरी, ज़खम मादा, दूषित रक्त, सांस रोग, हिच्की खाँसी, फेफडों की सूजन, सरददर्, नींद ना आना, पागल पन, फालेज, हार्ट अटेक, आँखों की कमज़ोरी, दमा, टी0बी0, खफ्क़ान, मर्दाना कमज़ोरी, बवासीर, दाइमी क़ब्ज़, गुर्दे की खराबी, और शूगर जैसी जानलेवा बीमारियों के हवाले करता है वहीं वह देश और समाज के साथ घटिया और शर्मनाक तरीक़ा भी अपनाता है।
मौलाना फारान ने स्त्रीयों से अपील की है कि वह नशा खोरी के खिलाफ मौन आंदोलन चलाऐं क्योंकि स्त्रीयां ही सब से ज़्यादा शराबी पतियों के उत्पीडन गाली गलोच और ज़लील हरकतों का शिकार होती है। जिससे उनकी हर शुभ संध्या शामे ग़म में बदल जाती है।
इन तथ्यों के बावजूद एक तरफ तो सरकार नशा रोकने की स्कीमें बनाती है और दूसरी तरफ इसके लिए लाइसेन्स जारी करके घातक और जानलेवा चीजा़ें के चलन के संरक्षण का बढ़ावा देती हैै जो बडी क़ाबिले फिक्र बात है।
मौलाना फारान ने कहा कि सरकार को हर इस तरीक़े से बचना चाहिए जो देश वासियों की आत्मा और शरीर के लिए नुक़सान देह हो इस पर फौरी पाबन्दी लगानी चाहिए और देश के बुद्विजीवि और धार्मिक,राजनीतिक और समाजिक रहनुमाओं को भी इन्सानों को नशावर पदार्थों से बचाने के लिए आन्दोलन चलाना चाहिए।
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